पेट्रोल पांच, डीज़ल तीन, सिलेंडर 50 रुपये महंगा हुआ
सरकार ने बुधवार को पेट्रोल की कीमत में पांच रूपये प्रति लीटर डीजल की कीमत में तीन रूपये प्रति लीटर और घरेलू एलपीजी की कीमत में 50 रूपये प्रति सिलिण्डर के हिसाब से बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों में जबर्दस्त बढ़ोतरी के आलोक में यह महत्वपूर्ण फैसला किया गया। कैरोसीन के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की राजनीतिक समिति (सीसीपीए) की बैठक में यह फैसला किया गया। बढ़ी हुई दरें बुधवार की मध्यरात्रि से लागू हो जाएंगी। इससे पहले फरवरी में पेट्रोल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी। सरकारी स्वामित्व वाली पेट्रोलियम विपणन कंपनियों भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), और इंडियन ऑयल कार्पोरेशन (आईओसी) को निर्धारित कीमत से कम कीमत पर पेट्रोल-डीजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के कैरोसिन और घरेलू इस्तेमाल की एलपीजी की बिक्री पर चालू वर्ष में 2,46,600 करोड़ रूपये का नुकसान होने की आशंका है। इन तीनों कंपनियों को ईंधन की बिक्री पर 725 करोड़ रूपये रोज का नुकसान हो रहा है। बीपीसीएल और एचपीसीएल ने कहा है कि अगस्त से उनके पास कच्चा तेल खरीदने के लिए धन नहीं रहेगा जबकि इंडियन ऑयल का कहना है कि उनके पास कच्चा तेल खरीदने के लिए केवल सितंबर तक ही धन है।बुधवार के फैसले से पहले प्रधानमंत्री ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित अपने मंत्रिमंडलीय सहयोगियों और अन्य राजनीतिक दलों से व्यापक विचार विमर्श किया था।पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने पेट्रोल की कीमत में दस रूपये प्रति लीटर, डीजल की कीमत में पांच रूपये प्रति लीटर और एलपीजी की कीमत में 50 रूपये प्रति सिलिण्डर के हिसाब से बढ़ोतरी की मांग की थी। साथ ही मंत्रालय ने शुल्क कटौती की मांग भी उठाई। इस समय तीनों तेल विपणन कंपनियां पेट्रोल 21.43 रूपये प्रति लीटर, डीजल 31.58 रूपये प्रति लीटर एलपीजी 352.99 रूपये प्रति सिलिण्डर और कैरोसिन 35.98 रूपये प्रति लीटर के नुकसान पर बेच रही हैं। इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल को पेट्रोल की बिक्री पर 64.8 करोड़ रूपये, डीजल की बिक्री पर 464.8 करोड़ रूपये, घरेलू एलपीजी की बिक्री पर 64.8 करोड़ रूपये और कैरोसिन की बिक्री पर 134.5 करोड़ रूपये का रोजाना नुकसान हो रहा है।सीसीईए में बुधवार को किये गये फैसलों में पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में एक रुपये प्रति लीटर की कटौती भी शामिल है। इसी तरह कच्चे तेल पर सीमा शुल्क पांच प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया गया है। सरकार ने अन्य पेट्रोलियम उत्पादों पर सीमा शुल्क दस प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का फैसला किया है।
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